एक छोटी सी कहानी जो दिल छू ले
गाँव की आखिरी गली में रहती थी बुढ़िया अम्मा। रोज सुबह वह चौक पर बैठकर चाय बेचती और मुस्कुराती। एक दिन एक बच्चे ने पूछा, “अम्मा, तुम हमेशा हँसती क्यों हो?” अम्मा ने कहा, “बेटा, जीवन एक किताब है। दुख के पन्ने भी हैं, सुख के भी। मैं सिर्फ सुख के पन्ने पढ़ती हूँ।”
उस दिन से बच्चा भी मुस्कुराने लगा। अम्मा चली गईं, लेकिन उनकी मुस्कान गाँव में आज भी गूँजती है।
कहानियाँ हमें सिखाती हैं कि खुशी चुनने की चीज है।
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